मुख्यपृष्ठ प्रौद्योगिकी एक नॉर्मल इन्वर्टर को सोलर इनवर्टर में कैसे बदलें

एक नॉर्मल इन्वर्टर को सोलर इनवर्टर में कैसे बदलें

Ek Normal Inverter Ko Solar Inverter Kaise Banaye

लेखक: लेखसागर टीम
Solar Pcu

आज के समय में मार्केट में अनेकों प्रकार के कई बड़े छोटे कंपनियों के विभिन्न प्रकार के इन्वर्टर उपलब्ध हैं चाहे वह एक स्क्वेर वेव इन्वर्टर (Square Wave Inverter) की बात हो या फिर प्योर साइन वेव इन्वर्टर (Pure Sine Wave Inverter) की, दोनों ही प्रकार के इंवर्टर आपके जरूरत के हिसाब से बैकअप देने में सक्षम है यद्यपि दोनों ही इन्वर्टर सुनें कुछ विविधताएं हैं जोकि दूसरा विषय हो सकता है, फिलहाल आज हम इस लेख में जानेंगे की कैसे एक नॉर्मल अर्थात आम इन्वर्टर को सोलर इन्वर्टर (Solar Inverter) में कैसे बदले।

एक सामान्य इन्वर्टर को सोलर इन्वर्टर (Solar Inverter) में बदलने के लिए अलग-अलग तरीके और तकनीक उपलब्ध हैं, लेकिन हर तरीके के कुछ फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। हम एक सामान्य इन्वर्टर (Normal Inverter) को सौर-सक्षम इन्वर्टर (Solar Compatible Inverter) में बदलने के विभिन्न तरीकों के फायदा और नुकसान के साथ-साथ सभी अंतरों का पता लगाएंगे और देखेंगे कि आपके लिए कौन सा ऑप्शन सबसे बेहतरीन है।

आम अर्थात साधारण इन्वर्टर को सोलर इन्वर्टर बनाने के लिए आप सोलर कंट्रोलर (Solar Controller) जिसे आम भाषा सोलर चार्जर (Solar Charger) या सोलर पावर कंट्रोल यूनिट (Solar Power Control Unit) कहते हैं, आप सोलर कन्ट्रोलर  का प्रयोग कर सकते हैं, पर ध्यान रखें मार्केट में अनेकों प्रकार के सोलर कंट्रोलर उपलब्ध है जैसे कि PWM, MPPT और rMPPT जिसमें से आपको सर्वश्रेष्ठ और सबसे अधिक लाभदायक वाला सोलर कंट्रोलर चुनना होगा।

Pwm Solar Pcu

PWM आधारित सोलर कंट्रोलर

PWM आधारित सोलर कंट्रोलर सस्ता और आम सोलर कंट्रोलर है जो आपको मार्केट में एक PWM Solar Controller ₹500 से लेकर ₹2000 के बीच में छोटे से लेकर बड़े ब्रांड्स जैसे लुमिनॉयस (Luminous),  यूटीएल (UTL), स्मार्टन (Smarten), मइक्रोटेक (Microtek) आदि किसी भी कंपनी का अपने बजट और जरूरत के हिसाब से खरीद सकते हैं। PWM का फुल फॉर्म Pulse-width modulation होता है और PWM आधारित सोलर कंट्रोलर उस क्षेत्र के लिए सबसे अच्छा है जहां सूरज की रोशनी चरम पर होती है, उदाहरण के लिए राजस्थान, और गुजरात आदि। ऐसा नहीं है कि आप PWM सोलर कंट्रोलर का इस्तेमाल अन्य राज्यों या देश के किसी विभिन्न प्रांतों में यूज नहीं कर सकते, इसका इस्तेमाल आप कहीं भी कर सकते हैं, किंतु इसकी कुछ खामियां हैं जिन्हें हमने नीचे संक्षेप में लिखा है:

PWM आधारित सोलर कंट्रोलर के लाभ:

  • सस्ता।
  • स्थापित करने में बहुत आसान।
  • बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता है।
  • यह बाजार में उपलब्ध लगभग सभी प्रकार की बैटरियों के साथ कंपैटिबल है जैसे ट्यूबलर बैटरी, फ्लैट बैटरी और लोकल बैटरी आदि।
  • 10Ah से 250Ah की बैटरी चार्ज कर सकते हैं।
  • 1 AMP से लेकर 50 AMP के लोड  में उपलब्ध है

PWM आधारित सोलर कंट्रोलर के साथ समस्याएं:

  • इसका कार्य बैटरी के वोल्टेज पर ध्यान रखना तथा वोल्टेज काम होने पर चार्ज करना है साधारण शब्दों में कहें तो यह एक स्विच की तरह काम  करता है जैसे कि जब भी बैटरी का वोल्टेज उसकी सीमा से नीचे चला जाता है तो यह है सोलर पैनल द्वारा प्रदान की गई वोल्टेज का इस्तेमाल कर बैटरी को चार्ज करता है।
  • सोलर पैनल से बैटरी तक सीधा कनेक्शन देता है।
  • बैटरी चार्ज करने में बहुत समय लगता है।
  • सोलर पैनल द्वारा जनरेट की गई वोल्टेज को बैटरी के वोल्टेज के अनुसार वोल्टेज नियंत्रित करता है।
  • उन्नत नियंत्रण कार्य प्रदान नहीं करता है।

PWM आधारित सोलर कंट्रोलर उन लोगों के लिए है जो कम से कम बजट में अपने आम इन्वर्टर को सोलर कंपैटिबल इन्वर्टर बनाना चाहते हैं तथा जहां पर बिजली की कम कटौती होती है तथा जिन्हें बिजली के बिल में कटौती नहीं चाहिए या बिजली के बिल से फर्क नहीं पड़ता। 

Mppt Solar Pcu

MPPT आधारित सोलर कंट्रोलर

MPPT अर्थात अधिकतम पावर प्वाइंट ट्रैकिंग (Maximum Power Point Tracking), MPPT एक बेहतरीन एवं सर्वश्रेष्ठ के साथ-साथ सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला सोलर कंट्रोलर (सोलर चार्जर है)। MPPT (एम.पी.पी.टी.) आधारित सोलर कंट्रोलर स्मार्ट आलोगरिथ्म का इस्तमल कर के सोलर पैनल से अधिक से अधिक वोल्टेज (voltage) और एम्पेयर (AMP/Ampere) निष्कर्ष करता है। एमपीपीटी आधारित सोलर कंट्रोलर उन क्षेत्रों तथा प्रांतों के लिए लाभदायक है जहां पर सूरज की रोशनी बहुत कम या बहुत कम समय तक ही उपलब्ध रहती हैं; एमपीपीटी आधारित सोलर कंट्रोलर कम से कम समय में और कम से कम सूरज की रोशनी में अधिक से अधिक मात्रा में विद्युत उत्पन्न करने में सक्षम है साथ ही साथ यह आपके बैटरी को जल्दी चार्ज (fast-charging) करता है और बैटरी को कई खतरों से जैसे कि उबर चार्ज (over-charge), दीप डिस्चार्ज (deep-discharge), ब्लास्ट (blast), ओवरहीट (over-heat), और शॉर्ट सर्किट (short-circuit) आदि से बचाता है। एमपीपीटी कंट्रोलर सामान्य फीचर से लेकर एडवांस फीचर के साथ मार्केट में उपलब्ध है जिसे आप अपने बजट और रिक्वायरमेंट के अनुसार खरीद सकते हैं। एमपीपीटी कंट्रोलर भारत में एक छोटी कंपनी से लेकर बड़ी कंपनी के कंट्रोलर मार्केट में उपलब्ध हैं जैसे कि UTL, Luminous, Smarten, Microteck, और V-Guard इत्यादि। MPPT कंट्रोलर के फायदे और नुकसान निम्नलिखित हैं:

MPPT आधारित सोलर कंट्रोलर के लाभ:

  • एमपीपीटी कंट्रोलर 6 एंपियर से लेकर 500 एंपियर तक का लोड उठाने में सक्षम है।
  • कम धूप में भी अधिकतम पॉवर देता है और सर्दियों के मौसम में भी अच्छा काम करता है।
  • डीओडी (डिस्चार्ज की गहराई) कार्यक्षमता के साथ आता है जो आपकी बैटरी की लाइफ को बढ़ाता है और आपके बिजली बिल को कम  करता  है।
  • उच्च क्षमता आधारित एमपीपीटी नियंत्रक सौर पैनलों से सीधे करंट प्रदान करके आपकी बैटरी की क्षमता से अधिक भार को संभालने में सक्षम हैं।
  • पावर सर्ज को संभालने के लिए और यदि आवश्यक हो, तो एमपीपीटी नियंत्रक सौर पैनल और बैटरी से बिजली के संयोजन में सक्षम है।
  • सभी प्रकार की बैटरियों जैसे फ्लैट बैटरी, ट्यूबलर बैटरी, स्थानीय बैटरी, लिथियम-आयन बैटरी आदि प्रकार के बैटरी के साथ कम्पैटबल है।

MPPT आधारित सोलर कंट्रोलर के साथ समस्याएं:

  • PWM Controller के मुकाबले MPPT Controller महंगा है (मार्केट में एमपीपीटी कंट्रोलर 3000 से लेकर कई लाख की रेंज में आते हैं जो कि आपके रिक्वायरमेंट पर आधारित है)।
  • एमपीपीटी नियंत्रकों की उच्च क्षमता के मामले में, अधिक सौर पैनलों की आवश्यकता होती है।
  • कई एमपीपीटी कंट्रोलर इंटरनल कूलिंग फैन के साथ आते हैं जो कुछ केस में शोर करते हैं यह MPPT Controller के ब्रांड पर निर्भर करता है।
  • MPPT Controller का सेटअप  PWM की तरह ही होता; है किंतु High Capacity MPPT Controller जहां पर मल्टीपल बैटरीज का इस्तेमाल किया गया वहां पर MPPT Controller का इंस्टॉलेशन थोड़ा कठिन हो सकता है।
  • MPPT Controller के केस में कम लेकिन नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है

Utl Colar Pcu

rMPPT आधारित सोलर कंट्रोलर

rMPPT अर्थात रैपिड मैक्सिमम पावर प्वाइंट टेक्नोलॉजी (Rapid Maximum Power Point Technology), rMPPT टेक्नोलॉजी यूटीएल कंपनी (UTL Company) द्वारा एक पेटेंट टेक्नोलॉजी (patent technology) है जिसका साधारण सा मतलब है कि यह rMPPT टेक्नोलॉजी यूटीएल कंपनी के उपकरणों के अलावा किसी अन्य कंपनी में शायद ही मिले किंतु कई कंपनियां rMPPT टेक्नोलॉजी के सरूप दूसरी टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रही हैं उपकरणों को बना रही हैं। MPPT और rMPPT टेक्नॉलजी में कोई खास फर्क नहीं है, क्यूं कि दोनों ही टेक्नॉलजी पर आधारित सोलर कंट्रोलर्स एक जैसा परफॉरमेंस प्रदान करते हैं। MPPT और rMPPT टेक्नॉलजी दोनों में लगभग सामान्य फीचर्स और फंगक्शन उपलब्ध है जैसे कि

  • सोलर कंट्रोलर स्मार्ट आलोगरिथ्म का इस्तमल कर के सोलर पैनल से अधिक से अधिक वोल्टेज (voltage) और एम्पेयर (AMP/Ampere) निष्कर्ष करता है।
  • आधारित सोलर कंट्रोलर उन क्षेत्रों तथा प्रांतों के लिए लाभदायक है जहां पर सूरज की रोशनी बहुत कम या बहुत कम समय तक ही उपलब्ध रहती हैं।
  • सोलर कंट्रोलर कम से कम समय में और कम से कम सूरज की रोशनी में अधिक से अधिक मात्रा में विद्युत उत्पन्न करने में सक्षम है।
  • बैटरी को जल्दी चार्ज (fast-charging) करता है।
  • बैटरी को कई खतरों से जैसे कि उबर चार्ज (over-charge), दीप डिस्चार्ज (deep-discharge), ब्लास्ट (blast), ओवरहीट (over-heat), और शॉर्ट सर्किट (short-circuit) आदि।
  • कंट्रोलर सामान्य फीचर से लेकर एडवांस फीचर के साथ मार्केट में उपलब्ध है जिसे आप अपने बजट और रिक्वायरमेंट के अनुसार खरीद सकते हैं।

rMPPT कंट्रोलर के फायदे और नुकसान निम्नलिखित हैं:

rMPPT आधारित सोलर कंट्रोलर के लाभ:

  • rMPPT  कंट्रोलर 50  एंपियर तक का लोड उठाने में सक्षम है।
  • कम धूप में भी अधिकतम पॉवर देता है और सर्दियों के मौसम में भी अच्छा काम करता है।
  • डीओडी (डिस्चार्ज की गहराई) कार्यक्षमता के साथ आता है जो आपकी बैटरी की लाइफ को बढ़ाता है और आपके बिजली बिल को कम करता  है।
  • सभी प्रकार की बैटरियों जैसे फ्लैट बैटरी, ट्यूबलर बैटरी, स्थानीय बैटरी, लिथियम-आयन बैटरी आदि प्रकार के बैटरी के साथ कम्पैटबल है।

rMPPT आधारित सोलर कंट्रोलर के साथ समस्याएं:

  • MPPT और rMPPT के दाम लगभग सामान्य है।
  • rMPPT टेक्नॉलजी पर UTL कि एकाधिकार है।

निष्कर्ष

सभी प्रकार के कन्ट्रोलर चाहे वो PWM, MPPT और rMPPT तकनीक पर आधारित हो सब में कुछ खामियाँ और आचाहियाँ दोनों ही है। अब कौन स सोलर कन्ट्रोलर लें ये आपके बजट और रिक्वाइर्मन्ट पर निर्भर करता है। यदि सब से बेस्ट सोलर कन्ट्रोलर कि बात करें तो MPPT सोलर कन्ट्रोलर सभी प्रकार के Solar Controller में सर्वश्रेष्ठ है।

Leave a Comment