मुख्यपृष्ठ स्वास्थ्य गर्मियों का मौसम यानि कई प्रकार के इन्फेक्शन का खतरा। कैसे बचे इन इन्फेक्शन्स से?

गर्मियों का मौसम यानि कई प्रकार के इन्फेक्शन का खतरा। कैसे बचे इन इन्फेक्शन्स से?

लेखक: लेखसागर समूह
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गर्मियों का मौसम आते ही हमारी त्वचा में कई पाकर के इन्फेक्शन हो जाते है जैसे खुजली, त्वचा पर छोटे छोटे दाने,या दाद आदि । शुरू में यदि इन समस्यायों पर न ध्यान दिया जाये तो ये समस्याएँ गंभीर हो जाती है। कई बार डॉक्टर से दवा लेने के बाद भी इन्फेक्शन से राहत नहीं मिलती है।

क्या होता है फंगल इन्फेक्शन

ये इन्फेक्शन में जोड़ो के पीछे के हिस्से, शरीर की ऐसी जगह जहाँ त्वचा में सलवट रहती है या शरीर के गर्म वाले हिस्से जहाँ त्वचा में नमी रहती है जैसे दाद, डायपर से रैशेस, एथलीट फुट,आदि इन इन्फेक्शन में त्वचा पर सफ़ेद सी पपड़ी जम जाती है जिसमे खुजली होती है। कई बार ये इतनी ज्यादा होती है कि दूसरों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ता है और ये एक दूसरे से सम्पर्क में आने से फैल भी जाती है। ये एक प्रकार की त्वचा की बीमारी है। कुछ आसान हर्बल उपायों में इस समस्या से निज़ात पाया जा सकता है।

हल्दी

हल्दी में एंटीबैक्टीरियल,एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल के गुण होते है जिसके कारण हम हर्बल दवा एक रूप में बहुत करते है:

  • हल्दी से इन्फेक्शन वाली जगह धो ले इससे इन्फेक्शन कम होगा।
  • हल्दी और शहद का पेस्ट बना कर इन्फेक्शन वाली जगह पर लगा ले सूखने के बाद धो ले। ]
  • रोजाना दूध में हल्दी डाल कर पीने से इन इन्फेक्शन में राहत मिलती है।
  • हल्दी के पेस्ट को इन्फेक्शन वाली जगह पर लगाने से भी खुजली से राहत मिलती है।

नीम

नीम के गुणों से सभी परिचित है। सदियों से नीम हमारी आयुर्वेद दवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। त्वचा संबंधित रोंगो में नीम एक रामबाण औषधि है:

  • नीम की पत्तों को उबाल कर उस पानी से इन्फेक्शन वाली जगह को साफ़ करने से इन्फेक्शन कम होता है।
  • नीम की कोपलों को खाली पेट चबा कर खाने से त्वचा के सभी इन्फेक्शन से आराम मिलता है।
  • नीम के पेस्ट को लगा कर सूखने दे फिर धो ले। त्वचा के सभी फंगस ख़तम हो जायेगे।

दही

दही में फंगल इन्फेक्शन रोकने के अद्भुत क्षमता होती है। दही में प्रोबायॉटिक्स लैक्टिक एसिड फंगल इन्फेक्शन को रोकने में मददगार है:

  • दही कप प्रभावित हिस्से पर लगाकर सूखने दे। आधे घंटे बाद धो दे। ऐसे जब तक करे जबतक इन्फेक्शन सही न हो।
  • दही में थोड़ा शहद मिला कर रुई की सहायता से लगा ले सूखने के बाद धो ले।
  • दही में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर लगाये।

मुल्तानी मिट्टी

मुल्तानी मिट्टी में एंटीसेप्टिक गुण होते है साथ ही ये गंदगी और इन्फेक्शन को सोख लेती है। अकसर गर्मियों में दाद, घमौरियों की समस्या हो जाती है ऐसी समस्या में मुल्तानी मिट्टी बहुत कारगर है:

  • मुल्तानी मिट्टी का लेप बनाकर प्रभावित जगह पर लगाए फिर सूखने दे।
  • मुल्तानी मिट्टी में नारियल,नीबू और कपूर मिलाकर पेस्ट बना ले फिर लगा ले सूखने के बाद धो ले आराम मिलेगा और इन्फेक्शन कम होगा।
  • मुल्तानी मिट्टी में नीम की सूखी पत्तियाँ का पाउडर और थोड़ा सा हल्दी पाउडर का दही के साथ पेस्ट बना कर लगाए।

एलोवेरा

एलोवेरा जेल के कई फायदे है इसका इस्तेमाल हम इन्फेक्शन को कम करने के लिए भी कर सकते है:

  • एलोवेरा जेल को इन्फेक्शन वाली जगह पर लगा ले फिर आधे घंटे बाद धो दे।
  • एलोवेरा जेल में हल्दी पाउडर मिला कर लगा ले जल्द आराम आएगा।
  • एलोवेरा रस का सेवन रोज सुबह लेने से शरीर में कई इन्फेक्शन ख़तम हो जाते है।

देसी घी

वैसे तो हम देसी घी का इस्तेमाल खाने में करते है पर हम देसी घी का इस्तेमाल मालिश करने या त्वचा पर लगाने के लिए भी कर सकते है। यदि देसी घी गाय के दूध से बना हो तो इसके गुण बढ़ जाते है। देसी घी हर्बल औषधि के रूप में भी काम आता है:

  • यदि त्वचा में खुजली के कारण जलन भी हो रही है तो देसी घी को प्रभावित जगह पर लगा ले।
  • रैशेस या नमी वाली जगह पर घी लगाने से त्वचा मॉइस्चराइज होगी इससे खुजली कम होगी।
  • एग्जिमा में देसी घी को गुनगुना करके लगाने से आराम मिलता है।

कैसे बचे इन फंगल इन्फेक्शन से?

  • फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए त्वचा को हमेशा सूखा रखे।
  • त्वचा के नमी वाली जगहों पर पाउडर का इस्तेमाल करने से त्वचा सूखी रहती है।
  • सूती या ऐसे कपड़ों का प्रयोग करे जो पसीना सोखते हो।
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नीबू पानी, नारियल पानी, आँवला जैसी चीजों का नियमित सेवन करे।
  • शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिये।
  • मधुमेह के मरीज़ अपनी शुगर पर नियंत्रण रखे क्योकि मधुमेह में शुगर बढ़ने से इस तरह के इन्फेक्शन होने को ज्यादा खतरा रहता है।
  • महिलाओं में सेनेटरी पैड के इस्तेमाल के कारण फंगल इन्फेक्शन की समस्या हो जाती है इसके लिए एक ही सेनेटरी पैड को लम्बे समय तक इस्तेमाल करे बल्कि समय अंतराल बदलती रहे।
  • कभी कभी कपड़ों में साबुन रहने के कारण ये इन्फेक्शन हो सकता है इसके लिए कपड़ों को धोते समय से पानी से अच्छी तरह साबुन निकल दे।
  •  छोटे बच्चों में गीली नैपी की वजह से ये इन्फेक्शन हो सकता है।

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